Session 1 शुभारम्भ, प्रस्तावना

अपनी पिछली रचना – अद्वित व्यवसाय उपनिषद् – के प्री-लांच संस्करण को सम्पादित करते हुए मैंने पाया कि लगभग एक लाख पचास हजार शब्दों में से कम-से-कम 8350 शब्द ऐसे थे जो शुद्ध, सभ्रांत हिंदी में स्वीकार्य नहीं होंगे | ये ऐसे शब्द थे जिनके लिए हिंदी विकल्प का प्रयोग करने से सौंदर्य और सटीकता – दोनों अगले स्तर पर पहुँचाए जा सकते थे |

ऐसा सम्पादन सरल तो नहीं था किन्तु मैंने समय देना उचित समझा | इसी प्रयास से आरम्भ करके, तदोपरांत अन्य श्रोतों से भी संकलित, हिंदी भाषा शुद्धि शब्दावली एक स्वतन्त्र पुस्तिका बन गई, और वहाँ से भी आगे बढ़ने पर यह ऑनलाइन प्रोग्राम बना – रोमांचक हिंदी स्वस्पर्धा!

आगे बढ़ने से पहले, आइए व्यवसाय उपनिषद् से बाहर के कुछ उदाहरण लेते हैं:

  • गृहमंत्री श्री अमित शाह जी का ट्वीट [1] – मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हमेशा देश की जनता के साथ एक संवेदनशील सरकार के रूप में खड़ी रही और इस कोरोना काल में भी जनता को राहत देने के लिए हर संभव कार्य किये फिर चाहे हर नागरिक को मुफ्त कोविड वैक्सीन देने में विश्व में अग्रणी बनना हो या कोरोना प्रभावित लोगों की मदद हो। ( 6/59; लगभग 10% अशुद्धि)
  • एक प्रतिष्ठित जर्नलिस्ट का ट्वीट [2] – ज़मीनी हक़ीक़त से दूर, या विरोध करने वाले लोग सवाल उठाए तो प्लीज़ उन्हें तर्क के साथ उत्तर दें. अपनी समस्या बताए, भाषा का लिहाज़ रखें. कोई दुश्मन नही है यहाँ ( 5/35; लगभग 15% अशुद्धि)
  • रिपब्लिक भारत का ट्वीट [3] – ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी पर FIR दर्ज; वेबसाइट पर दिखाया था भारत का गलत नक्शा  (3/17; लगभग 18% अशुद्धि)

ऎसी अशुद्धि कोई एक व्यक्ति जान-बूझकर नहीं होने देता | मात्र इतना कि इस ओर किसी ने हमारा ध्यान आकर्षित नहीं कराया | इस विषय पर शोध के लिए असीमित सम्भावनाएँ हैं | मेरा अनुमान है कि अलग-अलग प्रकरणों और स्थितियों में 5% से 15% अशुद्धियाँ सहजता से दूर की जा सकती है |

किन्तु; क्या यह प्रदूषण मात्र 5-15 प्रतिशत है ? पाँचवें सत्र (उपनिवेशवाद के दस आधुनिक हथियार) में हम इस प्रश्न पर हम पुनः लौटेंगे |


सम्बंधित समाचार –

संसदीय राजभाषा समिति की बैठक: गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा – स्थानीय भाषाओं की सखी के रूप में हो हिंदी का विकास [4] | यह एक स्वस्थ संकेत है कि किसी एक स्तर पर नीतिनिर्धारकों में भी इस दिशा में विचार-मंथन तो हो ही रहा है | संभवतः हिंदी भाषा शुद्धि शब्दावलीपुस्तिका और इस ऑनलाइन प्रोग्राम से एक व्यापक दृष्टिकोण मिलेगा |

संसदीय राजभाषा समिति की बैठक: गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा – स्थानीय भाषाओं की सखी के रूप में हो हिंदी का विकास

इस समाचार के छायाचित्र के लिए सन्दर्भ – श्री अमित शाह जी का ट्वीट

आगामी चर्चा में – विडंबना के तीन स्तर

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