Inheriting Legacy: व्यवसायी और उद्यमी – रुकें नहीं; थके नहीं

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व्यापार को हमेशा “लाभ” के साथ जोड़ कर देखा जाता है | यह नजरिया  उचित नहीं है | एक क्षण को रूककर कल्पना करें – यदि समाज में व्यापारी और उद्योगपति न हों तो हमारा जीवन कितना दूभर हो जाएगा |

सामान बेचने और लाभ कमाने से एक कदम आगे है बिज़नेस वर्ग का योगदान – रोजगार पैदा करके समाज में स्थिरता लाना और नए नए उत्पाद बना कर हमारे जीवन को सरल बनाना

इसीलिए मैं व्यापारीवर्ग को एक सेना से कम नहीं समझता – सेना सीमा पर सुरक्षा कायम रखती है और व्यापारी देश के अंदर सम्पन्नता स्थिरता और सक्षमता की रक्षा करते हैं | इस किताब की एक चर्चा में मैंने यहाँ तक कहा है कि एक व्यापारी का परिवार एक यूनिवर्सिटी से ज्यादा महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है देश के लिए

परिवार के माहौल में हम वैसे भी ज्यादा सीखते हैं – और यह बात व्यापारी परिवारों पर  विशेषकर  लागू होती है जो औपचारिक शिक्षा पर बहुत ज्यादा आश्रित नहीं रहना चाहते

लेकिन फिर भी, क्योंकि पिछले दो दशकों में व्यापार के परिदृश्य बदल गए हैं  इसलिए हो ये रहा है कि एक मध्यम वर्ग के व्यापारी परिवार के दो पीढ़ियों में तो खींचतान वाला माहौल है – थोड़ी हताशा है क्योंकि नई पीढ़ी उस कमरतोड़ तरीके से व्यापार नहीं करना चाहती जैसे पिछले पीढ़ी को करना पड़ा था और पिछली पीढ़ी यह नहीं समझ पा रही है कि इस नए माहौल में अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन कैसे करें और उनसे क्या उम्मीदें रखें…

बिज़नेस के कुछ मूलभूत सिद्धांत तनिक भी नहीं बदले हैं जो नई पीढ़ी को समझना होगा और कुछ अन्य सिद्धांत अब एकदम आउटडेटेड हो गए हैं पोस्टकार्ड की तरह जो पिछली पीढ़ी को समझना होगा

यह किताब दोनों पीढ़ियों के बीच एक सकारात्मक संभाषण (डिस्कोर्स) चलता रहे, इस दिशा में एक छोटा सा प्रयास है – बातों-बातों में हम बहुत कुछ सीख जाते हैं |

Coffee-table book; Full-color 350+ pages (Price subject to change after final draft is ready; Currently being written. Will be available in Hindi and English)

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